" " WHAT IS FOOTPRINTING IN HINDI-LEARN ETHICAL HACKING IN HINDI PART 2 ~ TechJankari-Learn Athical Hacking In Hindi-Technology Ki puri Jankari Hindi me

WHAT IS FOOTPRINTING IN HINDI-LEARN ETHICAL HACKING IN HINDI PART 2

Foot printing किसी भी हैकर का पहला कदम होता है समझदारी से टारगेट system की जानकारियो को एकत्रित या इकठा  करना Foot printing कहलाता है| जानकारी से तात्पर्य है target की system live है या नहीं? उसका ip address क्या है? कोन सी operating system है? उसके jio location क्या है? उसके सिस्टम में security कितनी है? उसका फ़ोन नंबर क्या है? ईमेल id क्या है? उसकी डोमेन क्या है? इन सभी जानकारी को एकत्रित कर के ही हैकर किसी hacking को अंजाम देते है ये ठीक वैसा ही जैसे एक समझदार चोर बैंक में चोरी करने से पहले करता है जैसे की बैंक में guard कितने कितने है? कैमरा कहा कहा लगा हुआ है? Cash किस counter पर मिलेगा?  भागने का रास्ता क्या है? इन सभी चीज़े पता करने के बाद ही चोर चोरी करता है ठीक उसी प्रकार हैकर foot printing में करता है |
एक penetration tester या cyber security को एक हैकर की तरह ही सोचना होता है किसी भी सिस्टम में कमी को खोजने के लिए और उस कमी को भरने के लिए या backchat Hacker को रोकने के लिए| 


TYPE OF FOOTPRINTING

foot printing दो प्रकार का होता है 

1st Active
2nd Passive

1 Active Foot printing-: में वेबसाइट से इनफार्मेशन निकाली  जाती है जैसे की 

website mirroringServer vitrifaction
 Email trashing



website mirroring:- में  offline किसी भी वेबसाइट की copy की जाती है और analyze कर के उसमे से कमी खोजी जाती है Offline में किसी वेबसाइट में risk नहीं होता है   इसमें use किये जाने वाले टूल इस प्रकार है 

Telepro 

imizer pro 

Htrack website copyer 

में आपको H track website coyer को कैसे use करते है इसके बारे में बता रहे है  मेरे बताये गए स्टेप को फॉलो करे  

सबसे पहले इस लिंक Htrack website copier software  पर क्लिक कर के download कर के  open करे  ओपन करने पर इस टाइप के दिखाई देगी 


step 2 अब next baton पर click करे 

step 3 अब यहाँ प्रोजेक्ट का नाम लिखे जिस वेबसाइट को कॉपी करना चाहते है और किस फोल्डर में सेव करना है  उसका पथ दे और next पर क्लिक करे 

step 4 अब जिस वेबसाइट को कॉपी करना चाहते है उसका URL डालिए और set option पर क्लिक कर के फॉर्मेट सेट कर ले और ok पर क्लिक कर next करे और फिनिश करे 

step 5 अब आपका वेबसाइट कॉपी होना स्टार्ट हो जायेगा जिसे आप जिस फोल्डर में रखा है वह कॉपी किया हुआ वेबसाइट मिल जायेगा 

 Server vitrifaction:-में पता करते है की server on है या नहीं मतलब जिस target को हैक करना है वो target की कंप्यूटर इस समय live है या नहीं पता करता है यह सब पता करने के लिए  इन टूल का use किया जाता है 
ping 
tracert कमांड  का use किया जाता है 
किसी भी server की Connectivity  को देखने के लिए ping कमांड का use किया जाता है तो आइये जानते है 

Step 1  सबसे पहले अपने कमांड prompt को ओपन करे और type करे ping और space देकर  target का ip address लिखे और inter करे
For Example ping 192.168.43.1 


अब आप screen short में देख सकते है 0% loss का मतलब है आपके target सिस्टम on है अगर Conetivity 100% दिखाता है इसका मतलब आपके target सिस्टम off है इसके अलवा आप सिस्टम on है या नहीं इसके लिए टूल भी use कर सकते है

Email trashing  में ईमेल  कहा से भेजा गया उसकी location क्या है किस server से होकर आया है उसका ip address क्या है इन सभी जानकारी को निकाली जाती है इसके लिए कुछ टूल use में लाये जानते है जैसे की 
RAGTAG
  Polite Mail
  Zendio
step 1 सबसे पहले email tracker pro को इंस्टाल करे और ओपन करे 



step 2 अब trace an email पर क्लिक करे 


अब  यहाँ जिस भी email की location को trace करना चाहते है उसका header इस बॉक्स में डालना होगा इसके लिए आप अपने ईमेल में जाए और जिस का ईमेल trace करना है उस ईमेल को खोलकर more option पर क्लिक कर show original पर क्लिक करे जैसा की इमेज में दिखाया गया है


अब जैसे ही show orignal पर क्लिक करेंगे तो header खुल जायेगा जो इस प्रकार का होगा अब सभी को कॉपी करले 

और इस बॉक्स में paste कर के trace पर क्लिक करे अब आपका ईमेल trace होना सुरु हो जायेगा 
जैसा की आप स्क्रीन्शोर्ट में देख सकते हो trace successful हो चूका है 
तो दोस्तों इस तरह से किसी भी ईमेल का location trace करते है अब आइये जानते है passive foot printing के बारे में 
Passive Foot printing-:  में attacker अपने target system से directly या सीधे सीधे  से कोई contact नहीं रखता  है target के जाने बिना ये सारी information जहा  पहले से जानकारी उपलब्ध है  वह से victim की जानकारी निकाली जाती है जैसे 

  • google search 
  • whois queries 
  • social networking site
google search:- या गूगल hacking उस कार्य के लिए किया जाता है जब कोई Hacker किसी टारगेट victim के  Sensitive data(गुप्त जानकारी) को खोजने का कोसिस करता है सर्च engine या ब्राउज़र के द्वारा हैकर को Data Base हैक करने से गूगल भी रोक नहीं पता है गूगल hacking में चैनिज़ सब्दो का use किया जाता है जैसे inurl intitle
whois queries:-के द्वारा domain name registration date वेबसाइट की expiry date ओनर का mobile नंबर ईमेल id इन सभी जानकारी आसानी के साथ मिल जाता है





Previous
Next Post »